Pura Samachar

डा.डी.आर.उपाध्याय ने चूमा ताबड्तोड रिकार्ड की नई उँचाइ, ताजे १९ रिकार्ड के साथ ५१ पर पहुँचा उनका विश्व कीर्तिमान

प्रकाशित: April 20, 2021

डा.डी.आर.उपाध्याय ने चूमा ताबड्तोड रिकार्ड की नई उँचाइ, ताजे १९ रिकार्ड के साथ ५१ पर पहुँचा उनका विश्व कीर्तिमान

काठमान्डू, ७ वैशाख । गीतकार डा.डी.आर.उपाध्याय ने गीत–संगीत के माध्यम से सर्वाधिक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है ।
बारह अन्तर्राष्ट्रिय भाषा में बारह पंक्ति के गीत रिकार्ड करके कुछ महीने पहले ही गिनिज आफ वल्र्ड रिकार्ड बनाए गीतकार डा.उपाध्याय ने फिर १९ अलग विधा में विश्व कीर्तिमान चूमते हुए कुल ५१ विधा में विश्व रिकार्ड बनाया है ।
काठमान्डू में सोमवार सामाजिक दूरी रखते हुए आयोजित एक समारोह में डा.उपाध्यायको भूतपूर्व प्रधानमन्त्री एवम् साहित्यकार लोकेन्द्र बहादुर चन्द और इतिहासविद् एवं राजनीतिक विश्लेषक प्रा.डा.सुरेन्द्र के.सी. ने १९ विधा में विश्व रिकार्ड बनानेका प्रमाणपत्र प्रदान किया ।
इससे पहले डा.उपाध्याय ने गीत–संगीत के विभिन्न विधा में ३२ विश्व रिकार्ड बनाया था ।
डा.उपाध्यायको विश्व कीर्तिमानका प्रमाणपत्र हस्तान्तरण करने के बाद समारोह में पूर्व प्रधानमन्त्री चन्द ने कहा– “इस तरह एक ही दिन अलग–अलग १९ विधा में विश्व रिकार्ड बनाकर संस्थागत रूप से प्रमाणपत्र ग्रहण करने वाले उपाध्याय पहले व्यक्ति हैं । यह केवल व्यक्ति के लिए न होकर पूरे नेपाल के लिए गौरव की बात है ।”
पूर्व प्रधानमन्त्री चन्द ने आगे कहा– “सारे नेपालियों के लिए उपाध्यायका कार्य उदाहरणीय है । सभी को मुक्त कण्ठ से उनकी तारीफ करनी चाहिए ।”
डा.उपाध्याय ने इस बार १९ विधा में केल एक नहीं, १३ अलग–अलग विश्व रिकार्ड संस्थाओं से विश्व रिकार्ड स्थापित किया है ।
उन्होंने अमेरिकन बुक अफ रिकार्ड, एशियन वल्र्ड रिकार्ड, चैम्पियन बुक अफ वल्र्ड रिकार्ड, वल्र्ड टैलेन्ट बुक, एभरेष्ट वल्र्ड रिकार्ड, युरोपियन रिकार्ड बुक, यूआरएफ वल्र्ड रिकार्ड, दि ब्रिटिश वल्र्ड रिकार्ड, बेंगल बुक अफ रिकार्ड, ओएमजी बुक अफ रिकार्ड, आसाम बुक आफ रिकार्ड जैसे १३ संस्था से १९ और १९ विधा में एक ही बार रिकार्ड बनाया है ।
डा.उपाध्याय ने जिन १९ अलग विधाओं में वल्र्ड रिकार्ड बनाया है, उनमें संसार के १५० देश के पर्यटकीय स्थलको शामिल किया गया गीत, सब से छोटा १८ शब्द का आधुनिक गीत, २०० शब्द से लम्बे गीत का बोल, मोटिभेसन गीत जो ६० वर्ष से अधिक उम्र के गायक–गायिका ने गाया, एक हजार के नेपाली रुपये की नोट के साइज का गीति पुस्तक, १६४ अलग अलग चिडियों के नाम पर गीत, १५७ देश की मुद्राओं का नाम शामिल किया गया गीत आदि हैं ।
इसी कार्यक्रम में बोलते हुए गीतकार संघ नेपाल के निवर्तमान अध्यक्ष चुडामणि देवाकोटा ने गीत–संगीत में संलग्न लोगों के लिए डा.उपाध्याय की सफलता को सुखद पक्ष बताया ।
विशिष्ट अतिथि प्रा.डा.सुरेन्द्र के.सी.ने कहा– “डा.उपाध्याय के कारण देश का गौरव बढा है ।”
भूतपूर्व मन्त्री रामेश्वर राय यादव ने कहा– “डा.उपाध्याय ने नेपाली सांगीतिक क्षेत्र को विश्व में परिचित करवाने के लक्ष्य को आगे रख कर काम किया है ।”
संगीतकार सन्तोष ने दावा किया– डा.उपाध्याय के साथ मैं आरम्भ से जुडा हुआ हूँ । उनका कार्य महामानव की ओर उन्मुख है ।
इसी अवसर पर डा.उपाध्याय के चार गीति एल्बम धरती और जीवन, प्रतिभा, सपना का महल तथा धडकन और दो गीति पुस्तक प्रेयसी और चोट का लोकार्पण किया गया ।
कार्यक्रम में वरिष्ठ गायिका ज्ञानु राणा, गायक तथा संगीतकार सागर अधिकारी ‘शरद’ और जुगल आचार्य ने सांगीतिक प्रस्तुती किया ।
इसी अवसर पर संगीतकार सन्तोष श्रेष्ठ, सागर अधिकारी, सञ्चारकर्मी कृष्ण भट्टराई, नरेश भट्टराई, तुलसी गिरी ‘भावुक’, गीता अधिकारी, राजेन्द्र लुईंटेल, सुभाष प्रधान, रमेश थापा और व्यवसायी रामजी अवाल को सम्मानित भी किया गया ।
कार्यक्रम का सञ्चालन नरेश भट्टराई ने किया था ।

प्रतिक्रिया